बाइक बोट मामला: तीन अतिरिक्त निदेशक गिरफ्तार
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बाइक बोट मामला: तीन अतिरिक्त निदेशक गिरफ्तार
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
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अरबों के फर्जीवाड़े में फरार चल रहे गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लि. (बाइक बोट) कंपनी के तीन अतिरिक्त निदेशकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने ये कार्रवाई रविवार रात में एक ही समय पर 15 स्थानों पर दबिश देकर की है।
इनमें जालंधर (पंजाब) निवासी हरीश कुमार आर्मी का पूर्व हवलदार है। हरीश ने आर्मी के लगभग पांच सौ जवानों का फर्जीवाड़े में रुपया फंसवाया है। वहीं, जालंधर के ही राजेश सिंह यादव और मेरठ के मवाना निवासी विशाल कुमार आयुर्वेदिक दवा के डिस्ट्रीब्यूटर हैं। एसएसपी वैभव कृष्ण ने फर्जीवाड़े के 12 फरार आरोपियों पर 25 हजार का इनाम घोषित किया है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि बाइक बोट कंपनी पर दर्ज 46 केस की आर्थिक अपराध शाखा की एसआईटी जांच कर रही है। इस मामले में मुख्यारोपी संजय भाटी ने आत्मसमर्पण किया है। चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब, पुलिस ने तीन अतिरिक्त निदेशकों को फेज-2 और सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
इन्होंने बड़ी संख्या में लोगों को झांसा देकर कंपनी के जाल में फंसाया था। आरोपियों को इसकी एवज में कंपनी की ओर से लग्जरी कारें भी दी गईं थीं, जिन्हें पहले ही अन्य गाड़ियों के साथ जब्त किया जा चुका है।
इसके अलावा आरोपी फर्जीवाड़े में लगभग 40-50 लाख रुपये अर्जित (कमाई) कर चुके हैं। पूर्व आर्मी हवलदार हरीश कुमार अप्रैल 2017 में रिटायर्ड हुआ था। अगस्त 2017 से वह बाइक बोट कंपनी के साथ जुड़कर फर्जीवाड़े में लिप्त था।
पुलिस ने दावा किया है कि अब तक की जांच में तीन से चार हजार करोड़ रुपये के ट्रांजेेक्शन की पुष्टि हुई है। हालांकि फर्जीवाड़ा इससे अधिक का हो सकता है।
पुलिस ने अब तक ये की कार्रवाई
एसआईटी ने कंपनी व आरोपियों के 18 बैंक खाते फ्रीज कराए। 35 रेंजरोवर स्पोर्ट, 12 फॉरच्यूनर, 4 महिंद्रा बोलेरो, 7 मारुति ब्रेजा, 3 टाटा नेक्सॉन, 1 महिंद्रा टीयूवी और 3 स्कोर्पियो जब्त कीं। इनकी कीमत लगभग 8.25 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 208 दोपहिया वाहन जब्त किए गए हैं।
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